SECL चिरमिरी क्षेत्र में नियम विरूद्ध बड़ी मात्रा में एकत्रित कोयले के संबंध में की गयी लिखित शिकायत। - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

  
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 19 अप्रैल 2016

demo-image

SECL चिरमिरी क्षेत्र में नियम विरूद्ध बड़ी मात्रा में एकत्रित कोयले के संबंध में की गयी लिखित शिकायत।

  • इस शिकायत की प्रति सभी प्रमुख लोगों को पे्रड्ढित किया गया।

Intex+Aqua+Trend_20160411_163228
चिरमिरी छ0ग0। चिरमिरी निवासी आरटीआई कार्यकत्र्ता राजकुमार मिश्रा ने चिरमिरी क्षेत्र में जगह जगह बड़ी मात्रा में होरहे एकत्रित कोयले के संबंध में संबंधित अधिकारियांे को पत्र लिखा है। आरटीआई कार्यकत्र्ता ने अपने पत्र में मांग किया है कि इस षिकायत पर गंभीरतापूर्व विचार कर आपके क्षेत्राधिकार में विभिन्न स्थानों पर नियम विरूद्ध रीति से एकत्रित कोयलेे का भंडार जिसमें स्वतः आग लगने व राष्ट्रीय संपत्ति की क्षति की संभावना को देखते हुए तात्काल व अनिवार्य रूप से उचित व आवष्यक कार्यवाही करें। आरटीआई कार्यकत्र्ता ने अपने पत्र में क्षेत्र के समस्त सब एरिया मैनेजरों को संबोधित करते हुए आगे लिखा कि आप अपने क्षेत्राधिकार के विभिन्न स्थानों में उत्खनन से प्राप्त कोयले को एकत्रित कर रहे हैं आपके द्वारा एकत्रित किया गया यह कोयला निर्धारित उचाई से कई गुणा अधिक हो गया है। इसके अतिरिक्त आपके क्षेत्राधिकार के विभिन्न स्थानों पर कोयला एकत्रित किया जा रहा है। यह एकत्रित किया गया कोयला नियमानुसार एक स्थान पर इतनी बड़ी मात्रा में एकत्रित नही किया जा सकता।

कोल स्टाक में समुचित पानी का छिडकाव नही हो रहा है और ना तो इस स्टाक कोयले के कुलिंग के लिए रसायन का छिडकाव हो रहा है और ना ही कोल स्टाक में लगे आग को रोकने के लिए कानूनी उपाय किये जा रहे है। यह स्टाक कोयला एक स्थान पर निर्धारित मात्र से अधिक एकत्रित होने पर स्वतः जलनषील है इस कारण गर्मी बढ़ने पर इसमें आग लग जाने की प्रबल संभावना है। कोयले में आग लग जाने पर काफी बडे मात्रा में धुआं निकलेगा जिससे पर्यावरण, वन आदि पर विपरीत प्रभाव पडेगा। इससे पर्यावरण प्रदूड्ढण होगा इस कोल स्टाक के आसपास के छोटे बडे पेड पौधे जल जायेंगें। उल्लेखनीय है कि एक तरफ हमारा देष भारत विष्व मंच पर कार्बन के उत्सर्जन को रोकने का वादाकर पर्यावरण को बचाने की कोषिष कर रहा है दुसरी तरफ आपके द्वारा किये गये लापरवाही पूर्वक कार्य से पर्यावरण खराब होगा।

Intex+Aqua+Trend_20160411_163130-1
कोयला राष्ट्र की संपत्ति है। आपके उक्त लापरवाही पूर्वक कृत से कोयले में आग लगकर कोयला नष्ट होगा जिससे देष की क्षति होेगी जो षासकीय संपत्ति को नुकसान पहुचाने की श्रेणी मंे आकर भारतीय कानून के अनुसार अपराध है। उक्त प्रकार से आप कोयले को हल्दीबाड़ी में एकत्रित कर रहे है जो चिरमिरी का हृद्य स्थल है। आप निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में कोयला रहायसी क्षेत्र में एकत्रित कर रहें है। यहां कालरी कर्मचारियों के रहने के लिए क्वाटर बना है इस क्षेत्र में काफी बड़ी संख्या में नीजि मकान बना कर पाइवेट लोग भी रह रहें है। यह क्षेत्र धनी बस्ती है जिसमें बच्चे बुर्जुग महिलाऐं सभी निवासरत है। आपके द्वारा एक स्थान पर इतना कोयला एकत्रित करना जिसमें आग लगने पर इस स्थान के आस पास रहने वाले जनसाधारण को संकट और क्षति कारित होगा लोक न्यूसेंस भंग करने की श्रेणी में होकर भारतीय दंड संहिता की धारा-268 भंग करने की श्रेणी में आता है। कोई सामान्य न्यूसेंस इस आधार पर माफी योग्य नही है कि उससे कोई सुविधा या भलाई कारित होती है।

IMG_20150409_081934
उक्त एकत्रित कोयले में आग लगने से कार्बन मोनो आक्साईड और कार्बन डाई आक्साईड जैसे जहरीली गैस निकलेगी जिससे वायुमण्डल दुड्ढित होगा जो जनसाधारण और उसके आस पास रहने वालो के स्वास्थ्य के लिए अपायकर बनेगा। इस कारण आपका यह कार्य भारतीय दंड संहिता की धारा-278 के तहत् दण्डनीय अपराध है। इतनी मात्रा में कोयला एकत्रित करने से निष्चित रूप से उसमें आग लगेगी जिससे विड्ढैला धुआं निकलेगा। इस प्रकार विड्ढैले पदार्थ के संबंध में आप उपेक्षापूर्ण आचरण कर कर रहें है। जो भारतीय दंड संहिता की धारा-284 के तहत् दण्डनीय अपराध है। कोयला स्वतः ज्वलनषील पदार्थ है। इस ज्वलनषील पदार्थ के संबंध में आप उपेक्षापूर्ण आचरण कर रहे है जो भारतीय दंड संहिता की धारा-285 के तहत् दण्डनीय अपराध है। आपका उक्त कार्य The air (prevetion & control of pollution) act 1981 के chapter 4 prevention & control of air pollution के विपरीत है जो इसी अधिनियम का chapter 5 pealties & proceure के तहत् दण्डनीय है।

भारत के संविधान का अनुच्छेद 51(क) के अनुसार ‘‘भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह भारत के संविधान का पालन करें’’ तथा (छ) के अनुसार ‘‘प्राकृतिक पर्यावरण की, जिसमें अंतर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव है, रक्षा करें और उसका संवर्धन करें...............।’’ इस तरह भारत का संविधान जो सब पर बंधनकारी है उसमें उल्लेखीत अनुच्छेद 51(छ) का आप उल्लंधन कर रहे है। यह तथ्य विषेड्ढ रूप से उल्लेखीय है कि आपके इस तरह के लापरवाही पर्वक एक स्थान पर इतना कोयला एकत्रित करने से ना केवल इस स्थान के आस पास रहने वाले ही प्रभावित होगंे बल्कि देष की संपदा की क्षति होगी और पर्यावरण का प्रदुड्ढण होने से विष्व प्रभावित होगा। 

कोई टिप्पणी नहीं:

undefined

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *