कोलकाता, 21 जून, पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने कहा है कि भारतीय टीम का मुख्य कोच चुनना बहुत जिम्मेदारी वाला काम है और वह किसी भी हाल में इस बार वह गलती नहीं दोहराएंगे जैसी उन्होंने वर्ष 2005 में आस्ट्रेलिया के ग्रेग चैपल के नाम की सिफारिश करके की थी। पूर्व कप्तान गांगुली और पूर्व कोच चैपल के बीच विवाद क्रिकेट जगत के चर्चित विवादों में एक माना जाता है। उस दौरान गांगुली को कप्तानी से हटा दिया गया था। गांगुली ने अपनी किताब ‘ए सेंचुरी इज नॉट इनफ’ के विमोचन पर पत्रकारों से कहा“ मुझे एक बार पहले भी भारत का कोच चुनने का मौका मिला था। लेकिन मैंने उस बार गलती कर दी थी। मुझे एक बार फिर मौका दिया गया है। मैंने एक बार चैपल का साक्षात्कार किया था और वह काम मैंने ठीक तरह से नहीं किया था।” गांगुली ने कहा कि बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति इस बार अपने काम में गलती नहीं करेगी। उन्होंने कहा“ मुझे यकीन है कि इस बार हम सही काम करेंगे। चाहे वह जो भी हो। सौभाग्य से इस बार मुझे सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, बीसीसीआई के सचिव अजय शिर्के और अध्यक्ष अनुराग ठाकुर का भी साथ मिलेगा जो कोच चुनने में मेरी मदद करेंगे। हम मिलकर सही इंसान का ही इस पद पर चुनाव करेंगे।”
पूर्व क्रिकेटर ने भी माना कि उनके दिमाग में भी भारतीय टीम का कोच बनने का विचार आया था। उन्होंने कहा“ करीब ढाई वर्ष पहले मेरे दिमाग में भी इस नयी भूमिका की बात आई थी। लेकिन अभी मैं खुद कोच चुनने का काम कर रहा हूं। यही जिंदगी है। मैंने साक्षात्कार नहीं दिया लेकिन संभवत: मैं किसी दिन साक्षात्कार दूं।” बंगाल क्रिकेट संघ(कैब) के अध्यक्ष ने कहा“ जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं है। कोई नहीं जानता कि अगले दो साल में क्या होगा। कोई नहीं जानता था कि मैं कैब का अध्यक्ष बनूंगा और विश्वकप ट्वंटी 20 के फाइनल की मेजबानी का जिम्मा संभालूंगा। यही जीवन है।” पूर्व कप्तान ने साथ ही माना कि भारतीय टीम के कोच का साक्षात्कार करने की पूर्व संध्या पर उन्हें काफी तनाव था और यह एहसास वर्ष 1996 में लार्ड्स में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने जैसा ही था। उन्होंने कहा“ कोच के साक्षात्कार के एक दिन पूर्व मुझे नींद नहीं आई। इसके बाद मैंने यूट्यूब पर लार्ड्स में अपनी शतकीय पारी देखी। उस 12 मिनट के वीडियो के बाद मुझे नींद आई।”
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