- राजधानीवासियों को अब होटलों व स्ट्रीट फूड वेंडरों के यहां स्वच्छ-पौष्टिक नाश्ता-भोजन मिलेगा- बिना ट्रेनिंग के खाद्य सामग्री बेचते पकड़े जाएंगे, उनके लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए जाएंगे
रांची (आर्यावर्त संवाददाता) : राजधानीवासियों को अब होटलों व स्ट्रीट फूड वेंडरों के यहां स्वच्छ-पौष्टिक नाश्ता-भोजन मिलेगा। दुकानदार बेहतर मेहमान नवाजी करते हुए अलग अंदाज में सर्व करेंगे। प्रशासन की ओर से होटल संचालकों, उसके कर्मचारियों और सड़काें के किनारे खाद्य सामग्री के स्टॉल लगाने वालों को ट्रेनिंग दी जा रही है। यह सबके लिए अनिवार्य होगी। बिना ट्रेनिंग के खाद्य सामग्री बेचते पकड़े जाएंगे, उनके लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए जाएंगे। एसडीओ लोकेश मिश्रा ने निर्देश जारी किया। गुरुनानक स्कूल के पास आईएसीटी में ट्रेनिंग दी जा रही है। गौरतलब है कि एफएसएसएआई ने खाद्य कारोबारियों के लिए फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है।
यह भी जानें
500 फूड वैन और 10 हजार से अधिक ठेले लगते हैं निगम क्षेत्र में
04 घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी
40 दुकानदारों को एक बैच में ट्रेनिंग मिलेगी
पहले फेज में 9 हजार विक्रेताओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य
ट्रेनिंग से दुकानदार हानिकारक रसायनाें के जानकार हाे जाएंगे।
ग्राहकों को खाना सर्व करने के तरीकों की जानकारी हो जाएगी।
3 तरह के काेर्स, स्ट्रीट फूड वेंडर को ट्रेनिंग मुफ्त में
बेसिक, एडवांस के अलावा स्ट्रीट फूड वेंडर के लिए अलग से कोर्स होगा। बेसिक के लिए 600, एडवांस के लिए 800 रुपए (18% जीएसटी) देनी होगी। स्ट्रीट वेंडरों को नि:शुल्क ट्रेनिंग मिलेगी।
12 लाख से अधिक कमाने वालों को लाइसेंस जरूरी
फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. एसएस कुल्लू के अनुसार ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन दे सकते हैं। 12 लाख से अधिक टर्नओवर वाले को लाइसेंस लेना होगा। इससे कम वाले को रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
नियमित रूप से जारी रहेगी ट्रेनिंग...
जिन्होंने लाइसेंस नहीं लिया है, उनके लिए ट्रेनिंग अनिवार्य है। यह नियमित रूप से चलती रहेगी। -धीरज शेखर, एडमिस्ट्रेटर, आईसीआरटी संस्थान
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