जयपुर 15 सितंबर, देश में सात दशक के लंबे अरसे के बाद फिर से चीतों का कुनबा बसाने के लिए अफ्रीका के नामीबिया से पहले चरण में लाये जा रहे आठ चीते शनिवार को विशेष विमान से जयपुर पहुंचेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन चीतों को लाने के लिए विशेष बी747 विमान बुधवार को नामीबिया की राजधानी विंडहोक पहुंच गया और वह शुक्रवार को इन चीतों को लेकर शनिवार अलसुबह जयपुर पहुंचेगा जहां से पहले से तैयार वायुसेना के दो हैलीकाप्टरों के जरिए उन्हें मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कुनो राष्ट्रीय उद्यान के लिए रवाना किया जाएगा। इस विशेष विमान पर चीते की तस्वीर के साथ पेंट कर इसे चीते की शक्ल दी गई है। देश में करीब 70 साल पहले विलुप्त हो चुके चीतों की वापसी हो रही है और सोलह सितंबर को नामीबिया से विशेष विमान के जरिए रवाना होकर देश में सबसे पहले ये चीते 17 सितंबर को जयपुर पहुंचेंगे। जयपुर हवाई अड्डे पर चीतों के स्वास्थय मूल्यांकन के लिए एक विशेष टीम तैयार रहेगी। इन चीतों के जयपुर पहुंचने के मद्देनजर जयपुर हवाई अड्डे पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं और इसके लिए वन विभाग, हवाई अड्डा, सुरक्षा में लगी सीआईएसफ की बैठक हुई जिसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में विचार विमर्श किया गया। इन चीतों के जयपुर पहुंचने के कुछ देर में ही उन्हें वायुसेना के दो चिनूक हैलीकाप्टरों से मध्यप्रदेश ले जाया जायेगा। जिसके लिए वायुसेना का एक चिनूक हैलीकाप्टर जयपुर पहुंच चुका है। पहली बार चीतों को एक दूसरे महाद्वीप से भारत लाये जा रहे इन आठ चीतों में पांच मादा और तीन नर चीते शामिल हैं और ये चार से छह वर्ष की उम्र के बताये जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि फिलहाल देश में करीब 50 चीते लाकर बसाए जाने हैं और पहले चरण में ये आठ चीते लाये जा रहे हैं। भारत में चीते समाप्त होने पर वर्ष 1952 में चीतों को विलुप्त करार दे दिया गया था। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के साल वन में वर्ष 1948 में आखिरी चीता दिखा था।
गुरुवार, 15 सितंबर 2022
नामीबिया से शनिवार को जयपुर पहुंचेंगे आठ चीते
Tags
# देश
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
देश
Labels:
देश
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Author Details
सम्पादकीय डेस्क --- खबर के लिये ईमेल -- editor@liveaaryaavart.com
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें