विचारधारा की जंग विचारधारा से जीती जा सकती है, जातीय समीकरण से नहीं: प्रशांत किशोर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 26 नवंबर 2022

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विचारधारा की जंग विचारधारा से जीती जा सकती है, जातीय समीकरण से नहीं: प्रशांत किशोर

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नकरदेई, पूर्वी चंपारण। पूर्वी चंपारण के सुगौली प्रखंड के नकरदेई गांव में प्रशांत किशोर ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "भाजपा को हराने के लिए आंख बंद करके पिछले 30 सालों से आप लालटेन का बटन दबा रहे हैं। लेकिन देखिए 2 सांसद की पार्टी 300 सांसद की पार्टी बन गई और आपका विकास भी नहीं हुआ। कहने का तात्पर्य है कि 'ना माया मिली ना राम'। आपको यह बात समझना होगा कि जिस पार्टी से आपकी लड़ाई है, वह विचारधारा पर आधारित पार्टी है, जातियों का संगठन नहीं है। जिससे लड़ने के लिए आप कुश्ती में उतरे हैं। अगर उसका दांवपेच जाने बगैर कुश्ती उतरेंगे तो हार निश्चित है। इसलिए आपके पास एक ही विकल्प है कि आप एक विचारधारा के आधार पर एक काउंटर विचारधारा  खड़ा कीजिए और उसका सबसे बेहतर विकल्प गांधी की विचारधारा है, और जन सुराज गांधी की विचारधारा का एक स्वरूप है।

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