पटना : एक फरवरी से सीमांचल में माले की पदयात्रा, का. दीपंकर भट्टाचार्य करेंगे नेतृत्व - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 30 जनवरी 2025

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पटना : एक फरवरी से सीमांचल में माले की पदयात्रा, का. दीपंकर भट्टाचार्य करेंगे नेतृत्व

  • पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और स्थानीय नेता भी होंगे शामिल, फारबिसगंज से पूर्णिया तक होगी पदयात्रा, यात्रा के दौरान कई स्थानों पर होंगे समागम, 5 फरवरी को पूर्णिया और 6 फरवरी को भागलपुर में होगा समागम

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पटना, 30 जनवरी (रजनीश के झा)। बदलो बिहार अभियान के तहत एक फरवरी से सीमांचल जोन में भाकपा-माले की पदयात्रा होगी. पदयात्रा का नेतृत्व स्वयं पार्टी महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य करेंगे. उनके साथ पोलित ब्यूरो सदस्य का. धीरेन्द्र झा, नेता विधायक दल महबूब आलम, उपनेता सत्यदेव राम, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, विधान पार्षद शशि यादव, विधायक रामबली सिंह यादव और अररिया, पूर्णिया, कटिहार के स्थानीय पार्टी नेता भी शामिल रहेंगे. सीमांचल का इलाका देश के सर्वाधिक पिछड़े इलाकों में आता है. भयावह गरीबी और बाढ़ की मार झेलते इस इलाके के समग्र विकास की बजाए भाजपा-जदयू सरकार ने इसे सस्ते श्रम उपलब्ध कराने वाले पलायन जोन में तब्दील कर दिया है. भाजपा सांप्रदायिक उन्माद और बांग्लादेशी घुसपैठ का हौव्वा खड़ा कर इस इलाके के बुनियादी सवालों को पृष्ठभूमि में धकेल देने की साजिश रचती रहती है और दलित-आदिवासियों पर हमला करने वाली ताकतों को संरक्षण देती है. ऐतिहासिक पिछड़ेपन का दंश झेल रहे सीमांचल के बदलाव के संकल्प के साथ महान साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु की धरती फारबिसगंज से नक्षत्र मालाकार की धरती पूर्णिया तक पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है. रेणु के गांव सिमराहा स्थित उनकी मूर्ति और फारबिसगंज में बाबा साहेब की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ पदयात्रा शुरू होगी जो गांव-चट्टी बाजारों से गुजरते हुए 5 फरवरी को पूर्णिया पहुंचेगी. 5 फरवरी को पूणिया में संविधान बचाओ-जनाधिकार बचाओ समागम का आयोजन किया जाएगा. इसके पूर्व 4 फरवरी को श्रीनगर में भी समागम का आयोजन किया जाएगा. पदयात्रा की समाप्ति के उपरांत 6 फरवरी को भागलपुर में समागम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें माले महासचिव और अन्य सभी नेतागण भाग लेंगे.

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